Online Furniture Business Ki Suruwat Kar Khada Kiya 1000 Crore Ki Sabse Bada Brand


पेपरफ्राय के संस्थापक अंबरीश मूर्ति और आशीष शाह ने 2011 में इस बिज़नस आईडिया पर काम शुरू किया।पेपरफ्राय ई- कॉमर्स फर्नीचर मार्केट का पहला और सबसे बड़ा ब्रांड है। सोफा, वार्ड रोब्स, मॉडयूलर किचन के अलावे होम डेकोर, लेम्प्स और लाइटिंग से बाथरूम सहित हज़ारो Product पोर्टफोलिया में शामिल है।
               
                      Business की शुरुवात से पहले :-
पुणे यूनिवर्सिटी से केमिकल Engineering और Institute of management in Technology , गाजियाबाद से Material Management में Diploma करने के बाद आशीष शाह ने 5-6 वर्षो तक कई नोकारिया की।फिर 2004 में ई - बे मोटर्स इंडिया में सेल्स व operation हेड के पद पर join लिया। ई बे में ही आशीष की मुलाकात अंबरीश मूर्ति से हुयी। Delhi college Of Engineering se बीई और आईआईएम , कोलकता से MBA अम्बरीश भी कई नोकारिया छोड़ने बाद ई- बे इंडिया के फिलिफिन्स और मलेशिया के कंट्री मैनेजर थे।

कैसे हुयी बिज़नस करने का शुरुवात और कैसे बिज़नस ब्रांडेड हुयी: Best Business inspiring Story In india Hindi :
आशीष Aur अम्बरीश ने 2011 में अपनी Savings से 1 -1 करोड़ रूपए जुटाये,फिर एक बिज़नस आईडिया Quality Furniture और Home Products मार्किट में उपलब्ध से पेपरफ्राय Website की लांच की।
                   India में फर्नीचर मार्केट का यह पहला कदम था, क्योंकि अक्सर लोग रेडीमेट फर्नीचर तब शोरूम में बनवाते थे या कारपेंटर से घर में ही फर्नीचर बनवाते थे।

    Business को किया Online तो Business भी खूब बढ़ी:-
Furniture को ऑनलाइन sell करने के लिए पेपरफ्राय ने फर्नीचर बनाने वाले कारीगर और कंपनियों को अपना सप्लायर बनाया। Goods को Customer के घर - दफ्तर पहुचाने के लिए लॉजिस्टिक नेटवर्क स्थापित किया।
          ग्राहक के यहाँ फर्नीचर की असेम्बलिंग के लिए local कारपेंटर को Hire किया। आज 1000 हज़ार से भी ज्यादा फर्नीचर निर्माता और विक्रेता पेपरफ्राय के सप्लायर है। कंपनी ने उनके Product को पूरे देश में पहुचाया। अब वे Customer के पसंद से नए Look में भी फर्नीचर बनाने लगे।
          
                बड़ी बड़ी कंपनियां भी पेपरफ्राय का साथ दिया:-
गोदरेज इंटेरियो, नीलकमल, डुरियन, होमटाउन, होमेशोप, फ्लिपस, रेमंड, प्रेस्टिज, टप्परवेयर,व्हलपुल, किचन क्राफ्ट , रिचर्ड जैसी कंपनियां भी पेपरफ्राय को ऑन डिमांड करती है।

                  पेपरफ्राय का फुल बिज़नस प्लान :-
पेपरफ़्राय का दावा है कि ऑनलाइन आर्डर मिलने के बाद दो week में  सामान डिलीवर कर दिए जाते है। शिपिंग से पहले यहाँ Goods की Quality-chek और पैकेजिंग होती है। ग्राहक को खर्च नहीं देना पड़ता है। सामान order के अनुसार न हो तो 30 दिन में लौटाया जा सकता है और ग्राहक को पैसे वापस कर दिए जाते है।
पेपरफ्राय ने देश के कई बड़े शहरों में स्टूडियो पेपरफ्राय और पेपरफ्राय लाइव स्टोर भी खोल दिए है,क्योंकि कंपनी ज्यदा से ज्यादा ग्राहक को जोड़ना चाहती है। 2015 में 1000 शहर से भी ज्यादा और 10 लाख ग्राहक को ऑनलाइन फर्नीचर और अन्य Goods Sell करने का Record बनाया। ग्राहकों तक सामान पहुचाने के लिए 4000 से भी ज्यादा ट्रक मालिक जुड़े हुए है।
             पेपरफ्राय की कितनी होती है कमाई :-
कंपनी का सालाना 1000 करोड़ रूपए कमाती है। india में सालाना 55 से 60 हज़ार करोड़ रूपए का फर्नीचर बिकते है। इस website से हर एक सेकड में सामान को बिक्री होती है।
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